MSP क्या है, MSP ka full form, न्यूनतम समर्थन मूल्य

Msp kya hai , msp full form in hindi

नमस्कार दोस्तों आप सभी लोगो का स्वागत है , आज हम MSP , Msp ka full form , अदी जानकारी MSP के बारे में बात करेंगे.

दोस्तौ आप सभी को पता होगा देश के अलग अलग राज्य के किसान भारत की राजधानी दिल्ली तक जा पहुँची है यहाँ तक लालकिले के शिखर तक भी पहुँच गए है, अपने मांग के लिए अड़े हुये है। ऐसे में भारत सरकार द्वारा बनाये गए नए कृषि कानून को समाप्त करने, जिसमें MSP को खत्म किया जा रहा है, जिसे खत्म करने के मांग लिए भारत के किसान डटे हुए है। वही सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में किसी तरह का बदलाव नही होगा बोल रहे है, ऐसे में हम आज MSP kya hai जानेंगे व उसी के साथ ही एमऐसपी का फुल फॉर्म जानेंगे . तो दोस्तौ चलिए विस्तार पूर्वक जानते है।

MSP सरकार द्वारा निर्धारित फसल के लिए न्यूनतम मूल्य होता है, इसका तात्पर्य यह है कि सरकार किसान को गारंटी देती है कि आपका फ़सल हम एक निर्धारित मूल्य में खरीदेंगे। हम इस आर्टिकल में msp क्या है, MSP price list 2021-22 के बारे में जानेंगे, नए कृषि बिल क्या है( Naye krishi bill kya hai)

MSP का फुल फॉर्म क्या है ( MSP Full form in Hindi)

एमऐसपी का फुल फॉर्म Minimum Support Price होता है, किसान से कोई भी फसल को सरकार Minimum Support Price से कम price में नही खरीदा जा सकता है . फसल का मूल्य निर्धारण, फसल के मूल्य में गिरावट के समय समर्थन मूल्य होता है।

MSP Full Form In EnglishMinimum Support Price
MSP Full Form In Hindiन्युनतम समर्थन मूल्य

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एमऐसपी का हिन्दी अर्थ क्या होता है ? what is the meaning of MSP in Hindi

Hindi Meaning of MSP: MSP का हिंदी में अर्थ न्युनतम समर्थन मूल्य होता है. market में फ़सल का दाम कितना भी क्यो न गिर जाये अर्थात कम हो जाये फिर भी फसल का निर्धारित मूल्य किसान को मिलता है, समर्थन मूल्य केंद्र सरकार निर्धारित करती है।

एमएसपी क्या होता है?, what is MSP in Hindi

एमएसपी यानि निर्धारित न्युनतम मूल्य जिस में Central Government का FCI (Food Corporation Agency of India) फसल किसान से खरीदता है, उसे हम MSP (Minimum support Price) कहते है, निर्धारित न्युनतम समर्थन मूल्य से कम में किसानों से सरकार फ़सल नही खरीद सकता है।

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MSP का निर्धारण केंद्र सरकार करती है, सरकार minimum support price में किसान से किसी भी रूप में फसल खरीदती है. इसकी सुरुवात British Government द्वारा स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान हुआ था जो एक तरह से फ़सल के लागत मूल्यों का निर्धारण करने का पैमाना डिसाइड करता है।

जैसा कि आप सभी को ज्ञात है, भारत के विभिन्न किसान संगठन द्वारों

Chalye उदाहरण ke sath समझते है एमएसपी क्या है

माना धान का समर्थन मूल्य सरकार ने 1875 रुपये प्रति क्विंटल रखा है, सरकार तो इस रेट में खरीदेगी साथ ही कोई खरीदार किसान के पास आया तो उसे भी इसी रेट में खरीदना पड़ेगा या फिर गुणवत्ता के आधार में ज्यादा में खरीद सकता है उसे कम में नही।

एमएसपी की शुरुआत कब हुई ? MSP ki shuruaat kab hui

एमएसपी को केंद्र सरकार ने 26 दिसम्बर 1964 को मंजूरी दी थी, इसे अगले वर्ष 1965 में लागू किया गया, उस वक़्त भारत सरकार के सचिव बी शिवरामन ने इस पर अंतिम मुहर लगाया था, ततपश्चात 1967 पहली बार गेंहू का न्युनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है, तब से आजतक MSP यथावत जारी है।

एमएसपी कौन निर्धारित करता है ? MSP koun Nirdharit krta hai

MSP सरकार द्वारा दी जाती है जिसका निर्धारण CACP ( Commission for Agriculture and Cost for Price) सरकारी agency द्वारा निर्धारित किया जाता है, कृषि लागत व मूल्य आयोग द्वारा विचार विमर्श करके जो राशि तय किया जाता है उसे सरकार MSP (न्युनतम समर्थन मूल्य) के रूप में फसल के लिए जारी करता है.

इस आयोग का नाम पहले कृषि मूल्य आयोग था जो वर्तमान में CACP हो चुका है, इसकी शुरुआत 1965 में हुआ था। इसमें एक अध्यक्ष, एक आधिकारिक सदस्य व दो गैर आधिकारिक सदस्य होते है, साथ ही इस समिति में एक सचिव पद भी शामिल किया जाता है।

एमएसपी का निर्धारण कैसे किया जाता है? MSP kaun nirdharit karta hai

》: msp का निर्धारण अलग अलग राज्य कृषि भूमि में उत्पादित विभिन्न फसल कितने हेक्टेयर में होता है व उत्पादन कितना है उसके अनुसार किया जाता है।

》: फसल के उत्पादन व बाजार के मूल्य के अनुसार निर्धारित की जाती है।

》 : देश की जनसंख्या व प्रत्येक परिवार के खपत अनुसार MSP का निर्धारण।

》: प्रत्येक फसल की बुवाई से लेकर कटाई तक खर्च राशि के अनुरूप MSP का निर्धारण।

》: मांग व आपूर्ति के आधार में बाजार के अनुरूप MSP का निर्धारण।

》: अनाजों के भंडारण, लाने ले जाने का खर्च, टैक्स, मंडियों का टैक्स आदि द्वारा निर्धारित।

》: सरकारी व सार्वजनिक एजेंसी जैसे FCI (Food Corporation Agency of India) व NAFDE (National Agriculture Cooperative Marketing Federation) आदि के स्टोरेज व कोल्ड स्टोरेज पर निर्भर करता है।

कौन सी फसल में MSP दिया जाता है?

CACP (Commision for Agriculture Cost and price) की सिफारिश पर वर्तमान में भारत सरकार द्वारा कुल 22 रबी, खरीफ व वाणिज्यिक फसलों पर न्युनतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है।

इसमें 6 रबी फसल, 14 खरीफ फसल व 2 वाणिज्यिक फ़सल शामिल है।

》 : 7 तरह के अनाज शामिल है जैसे- गेंहू, धान, बाजरा, जौ, ज्वार, रागी व मक्का।

》 : 5 तरह के दलहन फसल शामिल है जैसे- अरहर, उड़द, चना, मूंग व मसूर है।

》 : तिलहन की 8 फसले शामिल है जिसमें मूंगफली, सरसों, सोयाबीन, तोरिया, तिल, सूरजमुखी, रामतिल व केसर बीज आदि शामिल है।

नए कृषि कानून क्या msp से सम्बंधित है?

आज के समय मे देश भर में नए कृषि कानून को सरकार वापस ले करके दिल्ली के आसपास धरना प्रदर्शन हो रहा है, बहुत से किसान के मन मे है नए कानून जमीनी स्तर में आएगा तो msp समाप्त हो जायेगा, क्या सच मे msp समाप्त हो जायेगा?

तो ऐसा नही है, msp आजादी के बाद से मिलते आ रही है और मिलते रहेगी, सरकार ने नए कानून में msp खत्म होने का जिक्र नही किया है, यह निरन्तर चलते रहेगा।

तीन नए कृषि कानून क्या है? naye krishi bill kya hai

संसद द्वारा पारित तीन कृषि कानून बिल कुछ इस तरह है

  1. केंद्र सरकार ने किसान को अपना फसल देश मे कहि भी बेचने के अधिकार दिया है, किसान फ़सल कहाँ बेचना चाहता है यह किसान पर निर्भर करता है। एक राज्य से दूसरे राज्य में व्यपार बढ़ाने पर जोर दिया गया है साथ ही marketing व transport पर कम खर्च करने का प्रावधान है।
  2. दूसरा बिल में सरकार ने कृषि करारों को राष्ट्रीय रूप दिया है। कृषि पैदावार की बिक्री, फार्म सर्विसेज, कृषि बिजनेस फर्मों, प्रोसेसर्स, थोक विक्रेता, व एक्सपोर्ट के साथ किसान को जुड़ने का मार्ग खोलता है। इसे साफ झलकता है किसान strong agreement के साथ फसल का सौदा कर सकता है।

इसमें contracted किसानो को good quality की बीज प्रोवाइड करना है, तकनीकी मदद व फसल की निगरानी करना, साथ ही फसल बीमा की सहूलियत प्रदान करना है।

  1. तीसरा बिल में अनाज, दाल, तिलहन, खाने वाला तेल, आलू प्याज आदि को आवश्यक वस्तु को लिस्ट से हटाने का निर्देश है, माना जा रहा है बाजार में नए कानून लागू होने पर किसानों को सही भाव मिलेगा। इसमें electronic bigness व digital payments की सुविधाजनक structure तैयार किया जाना भी शामिल है।

एमएसपी प्राइस लिस्ट 2021

Msp ka full form
Msp kya hai
S.NoYear -2021/2022Crops-Name
11888धान
21975गेंहू
32150बाजरा
42640जवार
56000अरहर
61850मक्का
77196मूंग
86000उड़द
95100मसूर
105275मूंगफली
115875कॉटन
124225जुट
131600जौ
144800चना
153295रागी
165885सूरजमुखी का बीज

एमएसपी के फायदे क्या है? What is the benefits of MSP In hindi

• किसी समय देश के बाजार में फसल का रेट कम हो जाता है तब भी किसान का अनाज सरकार न्युनतम समर्थन मूल्य में खरीदेगी।
• MSP के अनुसार किसान अपना फसल बेचता है तो वह सीधे मंडी में बेचेगा और इसे बचौलिया बीच मे नही आएंगे जिसे किसान को नुकसान नही होगा।
• हर साल भारत सरकार द्वारा msp पर समीक्षा होती है और उत्पादन के अनुसार इसकी मांग बढ़ती है जिसे msp में वृद्धि होती इस तरह किसान के आये में बढ़ोतरी होगी।
• सरकार msp के आधार पर खेती के लिए बीज व खाद उपलब्ध कराता है, इसका सीधा लाभ किसान को होता है।

Frequently Asked Question ( FAQs )

MSP का क्या मतलब होता है ? What does MSP Mean

MSP का अर्थ Minimum Support price होता है.

What If Full Form MSP

Minimum Support Pricw

Who Gives MSP To The Farmers

Commission for Agricultural Costs and Prices (CACP) के द्वारा MSP दिया जाता है.

Conclusion ( आप ने क्या जाना )


friends आज हमने यह पोस्ट मे , msp kya hai, msp ka full form Kya hai, msp full form in hindi , msp price list 2021 अदी के बारे मै जाने है. दोस्तौ मेरि हमेशा यही कोसिस रह्ती है कि मै आपको कम समय मै ज्यादा से ज्यादा जानकारी दे सकू अगर आप को कुछ भी msp के सम्भंदीत नही समझ मै आया हो तोह आप हमे कमेंट कर के पुछ सकते है हम आपकी सहयता मै हमेशा उपश्तीत रहेंगे. हमारे साथ अन्त तक बने रहने के लिये धन्यवाद

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