1 यूनिट मे कितना ब्लड होता है? – 1 unit blood in ml / 12 fact about blood/price of blood

हैलो दोस्तों आप सभी को तो पता ही होगा की blood हमारे body का fule माना जाता है , लेकिन हम आपको यहां बताएंगे blood के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां जैसे कि 1 unit me kitna blood hota hai या फिर 1 unit blood kitna gram hota hai. तो चलिए जानते 1 unit me kitna blood hota hai है।

1 unit me kitna blood hota hai
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1 unit me kitna blood hota hai? – 1 unit blood in ml

आप और हम जब भी blood donate करने जाते है या फिर किसी को blood कि आवश्यकता है और हम उसे blood देते है, तो आपने ये जरूर देखा होगा कि blood को कभी भी किसी लीटर या, मिली लीटर या फिर ग्राम मे नहीं मापा जाता है। बल्कि blood को unit मे मापते है। तो क्या आप जानते है – की 1 unit me kitna blood hota hai?

 1 unit blood in kg – one unit मे 450 ml (मिलीलीटर) खून होता है। और यह लगभग 477 ग्राम ( 0.477kg) के बराबर खून होता है।

एक स्वस्थ और हास्ट पुष्ट इंसान के शरीर मे 5 से 6 लीटर तक खून होता है। जिसे हम लगभग 12 से 14 यूनिट खून के बराबर जानते है।

some fact about blood

1 unit me kitna blood hota hai
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हमारे देश की आबादी इतनी है कि अगर हमारे देश की 1 प्रतिशत आबादी भी रक्तदान करती है, तो जरूरतमंद को रक्त आराम से दिया जा सकता है। एक अनुमान के द्वारा, हमारे भारत में वर्तमान में 9.5 मिलियन भारतीय हर साल अपना रक्तदान करते हैं, जो की रक्त की आवश्यकता से लगभग 3 मिलियन कम ही है।

WHO (World Health Organization) के अनुसार, भारत मे और विश्व में हर साल गर्भावस्था या प्रसव के दौरान लगभग 2.8 लाख से अधिक महिलाओं की मृत्यु रक्त की कमी से हो जाती है. इनमें से 99 प्रतिशत मामले ज्यादातर विकासशील देशों में होते हैं. WHO के अनुसार ऐसी महिलाओं को रक्त प्रदान करके उनके जीवन को बचाया जा सकता है.

कब पड़ती है खून की जरूरत? ( when we need blood?)

Blood की जरूरत अक्सर बड़ी दुर्घटनाओं के बाद या सर्जरी के समय मरीजों को सबसे अधिक रक्त की आवश्यकता होती है क्योंकि ऐसे में मरीजों के शरीर में बहुत अधिक रक्त बाहर निकल जाता है।

गर्भपात या प्रसव के बाद भी, माँ या नवजात शिशु के जीवन को बचाने के लिए रक्त की आवश्यकता पड़ती है। अस्पतालों के ऐसे मरीज, जो रक्त की कमी, blood cancer, haemophilia, थैलेसीमिया जैसी बीमारियों से पीड़ित हैं, उन्हें रक्त की बेहद जरूरत होती है ।

ऐसे मरीजों को लगातार रक्त की आवश्यकता होती है। इसके अलावा भी कई ऐसी परिस्थितियों आती है जब रक्त की आवश्यकता होती है।

सड़क दुर्घटना में ब्लड की जरूरत

1 unit me kitna blood hota hai? – 1 unit blood in ml
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जब भी एक open heart सर्जरी होती है तो लगभग हर open heart सर्जरी में 6 यूनिट रक्त की आवश्यकता पड़ती है, और जबकि एक सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को कुल मिलाकार 100 यूनिट रक्त तक की आवश्यकता होती है।

WHO के रिसर्च के अनुसार, हर अस्पताल में भर्ती होने वाले हर 10 में से 1 मरीज को रक्त की आवश्यकता पड़ती है। 1 यूनिट खून ( जो की 450 मिली होता है) कम से कम 3 लोगों की जान बचा सकता है।

दिल्ली जैसे बड़े शहरों में, रक्त की आवश्यकता, वहा उपलब्ध रक्त की तुलना में 200 प्रतिशत अधिक है, और जबकि बिहार जैसे राज्यों में 85 प्रतिशत खून की कमी रहती है। इसका सबसे बड़ा कारण यह माना जाता है कि लोग गलत अवधारणा के कारण रक्तदान नहीं करते हैं।

भारत में ब्लड की कितनी जरूरत है?

  • भारत में हर साल लगभग 40 मिलियन यूनिट रक्त की आवश्यकता पड़ती है, जिसमें से केवल 40 लाख यूनिट रक्त ही उपलब्ध होता हैं। 
  • हर कोई रक्तदान करने को एक महादान कहते है क्योंकि हमारे शरीर में रक्त का कोई दूसरा विकल्प नहीं होता है।
  • देश में रक्त की जरूरतों को पूरा करने के लिए हर दिन 38 हजार रक्तदानों की आवश्यकता पड़ती है।
  • हर साल देश में कुल 30 मिलियन ब्लड कंपोनेंट लोगों को दिया जाता हैं।
  • O group वाले ब्लड ग्रुप की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।
  • देश में हर साल लगभग 1 मिलियन नए लोगों में कैंसर पाया जा रहा है। इनमें से बहुतों को आगे रक्त की आवश्यकता होगी।
  • हमारे शरीर में रक्त हमारे शरीर के वजन का केवल 7% है। हर 2 सेकंड में किसी न किसी को रक्त की आवश्यकता पड़ती ही है।

12 fact about blood – जो शायद आप नहीं जानते –

रक्त एक जीवन देने वाला एक तरल पदार्थ है , जो शरीर की कोशिकाओं में  ऑक्सीजन पहुंचने का काम करता  है। रक्त एक विशेष प्रकार का संयोजी ऊतक है जिसमें लाल रक्त कोशिका, प्लेटलेट्स, और तरल प्लाज्मा , तथा मैट्रिक्स में निलंबित सफेद रक्त कोशिकाएं होती हैं।

ये कुछ मूल बातें हैं, लेकिन यह काफी आश्चर्यजनक तथ्य भी है- उदाहरण के तौर  पर रक्त हमारे शरीर के वजन का लगभग 8 प्रतिशत होता है और जिससे हमारे सोने की सीमा का पता लगाया जा सकता है।

1. Not All Blood Is Red (सभी blood लाल नहीं होते।)

1 unit me kitna blood hota hai
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 हर एक मनुष्यों में लाल रंग का रक्त होता है, अन्य जीवों में अलग-अलग रंगों का रक्त पाया जाता है। क्रस्टेशियन, मकड़ियों, विद्रूप, ऑक्टोपस और कुछ आर्थ्रोपोड में नीले रंग का रक्त पाया जाता है।

कई प्रकार के कीड़ों और जोंकों में हरा रक्त होता है। समुद्री कीड़े की कुछ प्रजातियों में बैंगनी रंग का रक्त पाया जाता है। भृंग और तितलियों सहित कीटों में रंगहीन या पीला रंग का रक्त पाया जाता है।

खून का रंग श्वसन तंत्र के द्वारा निर्धारित किया जाता है, जो की ऑक्सीजन को हमारे परिवहन प्रणाली के माध्यम से कोशिकाओं तक पहुंचाता है।

हर इंसानों में, श्वसन वर्णक लाल रक्त, कोशिकाओं में पाया जाने वाले हीमोग्लोबिन नामक एक प्रोटीन से बना  होता है।

2. आपके शरीर मे लगभग एक  Gallon Blood होता है।

एक वयस्क मनुष्य के शरीर में लगभग 1.325 गैलन रक्त होता है। एक व्यक्ति के कुल शरीर के वजन का लगभग 7 से 8 प्रतिशत रक्त हर व्यक्ति को बनता है।

3. Blood मे अधिकतम Plasma होता है।

हमारे शरीर में रक्त का संचार लगभग 55 प्रतिशत प्लाज्मा, 40 प्रतिशत लाल रक्त कोशिका, 4 प्रतिशत प्लेटलेट्स और 1 प्रतिशत सफेद रक्त कोशिकाओं से बना होता है। खून के परिसंचरण में सफेद रक्त कोशिकाओं में से, न्यूट्रोफिल सबसे ज्यादा प्रचुर मात्रा में होता हैं।

4. White Blood Cells Are Necessary for Pregnancy

यह हम सभी को पता ही है कि एक स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए सफेद रक्त कोशिकाएं कितनी महत्वपूर्ण हैं। यह भी पता है कि मैक्रोफेज नामक कुछ सफेद रक्त कोशिकाएं गर्भधारण करने के लिए बहुत आवश्यक होती हैं।

मैक्रोफेज प्रजनन प्रणाली के ऊतकों में प्रचलित हैं। मैक्रोफेज हमारे अंडाशय में रक्त वाहिका नेटवर्क के विकास में बहुत सहायता करते हैं, जो हार्मोन प्रोजेस्टेरोन के उत्पादन के लिए अति महत्वपूर्ण है।

 प्रोजेस्टेरोन गर्भाशय में एक भ्रूण के आरोपण के समय बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में कम मैक्रोफेज संख्या के परिणामस्वरूप प्रोजेस्टेरोन का स्तर कम होता है और जिससे एक भ्रूण का आरोपण अपर्याप्त होता है।

5. Gold in Your Blood ( आपके blood मे सोना)

एक मानव रक्त में लोहा, क्रोमियम, मैंगनीज, जस्ता, सीसा, और तांबा सहित धातु के परमाणु पाएं जाते हैं। आप लोगो को यह जानकर भी बहुत हैरानी होगी कि रक्त में कम मात्रा में सोना पाया जाता है।  एक मानव शरीर में लगभग 0.2 मिलीग्राम सोना पाया जाता है जो की ज्यादातर रक्त में पाया जाता है।

6. Blood Cells Originate From Stem Cells

  • हर मनुष्यों के शरीर में सभी प्रकार की रक्त कोशिकाएं हेमटोपोइएटिक स्टेम कोशिकाओं से उत्पन्न होती हैं। अस्थि मज्जा कोशिका द्वारा शरीर की लगभग 95 प्रतिशत रक्त कोशिकाएं उत्पन्न होती हैं।

 एक वयस्क के शरीर में, सबसे ज्यादा अस्थि मज्जा, स्तन और रीढ़ और श्रोणि की हड्डियों में केंद्रित होता है। अन्य कई प्रकार के अंग रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को सही करने में बहुत मदद करते हैं।

जिसमे लिवर और लिम्फेटिक सिस्टम संरचना जैसे लिम्फ नोड्स, प्लीहा और थाइमस शामिल होती हैं।

7. Blood Cells Have Different Life Spans

हर परिपक्व मानव के रक्त कोशिकाओं में जीवन चक्र अलग-अलग होते हैं। लाल रक्त की कोशिकाएं लगभग 4 महीने तक शरीर में घूमती रहती हैं, और लगभग 9 दिनों के लिए प्लेटलेट्स, और सफेद रक्त कोशिकाएं कुछ घंटों से लेकर कई दिनों तक ही होती हैं।

8. Red Blood Cells Have No Nucleus

हमारे शरीर में अन्य प्रकार की कोशिकाओं के विपरीत, परिपक्व लाल रक्त कोशिका में एक नाभिक, माइटोकॉन्ड्रिया या राइबोसोम नहीं पाया जाता हैं। इन सब प्रकार की कोशिका संरचनाओं की अनुपस्थिति लाल रक्त कोशिकाओं में पाए जाने वाले लाखों हीमोग्लोबिन अणुओं के लिए एक जगह छोड़ देती है।

9. Blood Proteins Protect Against Carbon Monoxide Poisoning

जैसा कि हम सब जानते ही है की कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) गैस रंगहीन, गंधहीन, बेस्वाद और विषाक्त होता है। यह (CO)  न केवल ईंधन से जलने वाले उपकरणों द्वारा निर्मित होता है, बल्कि यह (CO)  सेलुलर प्रक्रियाओं के उप-उत्पाद के रूप में भी उत्पादित होता है।

यदि कभी सामान्य सेल कार्यों के द्वारा स्वाभाविक रूप से कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) का उत्पादन किया जाता है, तो जीवित प्राणियों को इसके द्वारा जहर का आभास क्यों नहीं होता है? क्योंकि  कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) को विषाक्तता में देखने की तुलना में बहुत कम सांद्रता में उत्पादित किया जाता है, जिससे कोशिकाओं को इसके विषाक्त प्रभाव से बचाया जा सकता है।

 कार्बन मोनोऑक्साइड (CCO  हमारे शरीर में प्रोटीन को बांधता है,  जिसे हम हेमप्रोटीन के रूप में जानते है। हमारे रक्त में पाए जाने वाले हीमोग्लोबिन और माइटोकॉन्ड्रिया में पाए जाने वाले साइटोक्रोम, हीमोप्रोटीन का एक उदाहरण हैं। जब कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) लाल रक्त कोशिकाओं में हीमोग्लोबिन को बांधा जाता है, तो यह ऑक्सीजन को प्रोटीन के अणु से बंधने से रोकता है ।

 जो सेलुलर श्वसन जैसी महत्वपूर्ण कोशिका प्रक्रियाओं में परेशानी पैदा करता है। कम कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) सांद्रता में, हेमोप्रोटिन्स कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) को सफलतापूर्वक रोककर उनकी संरचना को बदलते हैं। इस प्रकार के संरचनात्मक परिवर्तन के बिना, कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) हेमोप्रोटिन को एक लाख गुना ज्यादा बंधता है ।

10. Capillaries Spit Out Blockages in Blood

मनुष्य के मस्तिष्क की केशिकाएं प्रतिरोधी मलबे को निष्कासित कर सकती हैं। इस मलबे के रक्त में कोलेस्ट्रॉल, कैल्शियम पट्टिका, या थक्के पाए जा सकते हैं।

हर कोशिकाओं के भीतर कोशिकाएं चारों ओर बढ़ती जाती हैं और मलबे को घेरती रहती हैं। कोशिकाओं की दीवार तब खुलती है और आ रही रुकावट को रक्त वाहिका से बाहर के ऊतक में ले जाया जाता है।

यह प्रक्रिया मनुष्य की उम्र के साथ धीमी होती जाती है और जिसे हम सब  संज्ञानात्मक गिरावट का कारक जानते है जो हमे हमारे उम्र के रूप में दिखता हैं। यदि रक्त वाहिका में आ रही परेशानियों को पूरी तरह से हटाया नहीं गया , तो यह ऑक्सीजन की कमी और तंत्रिका क्षति का कारण बन जाता है।

11. UV Rays Reduce Blood Pressure

जब भी किसी व्यक्ति की त्वचा को सूरज की किरणों के संपर्क में लाया जाता है तो, उसके रक्त में नाइट्रिक ऑक्साइड का स्तर बढ़ने से रक्तचाप कम हो जाता है।

नाइट्रिक ऑक्साइड,  रक्त वाहिका टोन को कम करके रक्तचाप को सामान्य करने में मदद करता है। रक्तचाप की गड़बड़ी को कम करके हृदय रोग या स्ट्रोक के विकास के जोखिम में कटौती किया जा सकता है।

हालांकि लंबे समय तक सूरज के संपर्क में रहने वाले लोगो को त्वचा कैंसर हो सकता है, वैज्ञानिकों की माने तो उनके अनुसार, सूरज के बहुत कम संपर्क से हृदय रोग और उससे संबंधित स्थितियों के विकारों में जोखिम की वृद्धि हो जाती है ।

12. Blood Types Vary by Population

  • USA संयुक्त राज्य अमेरिका में सबसे आम रक्त का प्रकार O positive पाया जाता  है। सबसे कम AB negative पाया जाता है। रक्त के प्रकार के वितरण जनसंख्या के अनुसार भिन्न भिन्न होते हैं। जापान में सबसे ज्यादा पाया जाने वाला रक्त प्रकार A positive  है।

Price of blood

भारत के मार्केट मे एक private blood banks मे 1 ml ब्लड की कीमत लगभग 6.5 रुपये होती है , और 1 यूनिट मे 450 ml blood पाया जाता है। इस प्रकार 1 unit blood price लगभग 2925 रुपये का पड़ता है। 

यह भारत सरकार द्वारा इसकी कीमत का निर्धारण किया गया है ।जो की लगभग 250 रुपये से लेकर 1900 रुपये तक 1 unit blood का मूल्य होता है। 

भरते के अधिकतर hospitals जो सरकारी hospitals से जुड़े हुए होते है वो अपने patients से 250 रुपये लेते है, और बाहरी patients से 500 रुपये लेते है। परंतु कालाबाजारी के चक्कर मे hospitals मे लोगों से 7000-8000 रुपये तक  blood selling का मूल्य होता है। 

Frequently Asked Questions

1 यूनिट खून कितना होता है?

1 यूनिट मे 450 Ml खुन होता है. सिर्फ एक यूनिट ब्लड से एक यूनिट पैक्ड रेड ब्लड, एक-एक यूनिट प्लाज्मा और प्लेटलेट्स बनाया जाता है

हमारा दिल 1 मिनट में कितना खून फिलटर करता है?

हमारा दील 1 मिनट मे 5L खुन को फ़िल्टर कर्ता है. हमारा दिल पुरे दिन मे 7000 ली खुन को फ़िल्टर करता है.

१ यूनिट ब्लड में कितना हीमोग्लोबिन होता है?

Bhaskar.com के अनुशार : एमबी अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. रमेश जोशी ने बताया कि शरीर में औसतन 5 लीटर ब्लड रहता ही है। 5 लीटर खून को लगभग 12 से 16 ग्राम हीमोग्लोबिन में मापा जाता है। यह स्तर 2 से 2.5 ग्राम तक गिर जाने पर रोगी की मौत हो जाती है, ऐसे मामले अक्सर किसी हादसे में सामने आते हैं।

मनुष्य कितना ब्लड डोनेट करता है *?

रकतदान के समय मनुष्य के सरिर से 350 Ml खुन ही निकाला जाता है. क्यू 350 Ml यूनिट बलड निकालने से कोइ कमजोरि न्ही होती है.

एक यूनिट खून चढ़ाने में कितना समय लगता है?

रक्‍त देते समय कोई पीडा नहीं होती है। रक्‍तदान करने में 5 से 10 मिनट का समस लगता है

कितने समय बाद दोबारा रक्तदान किया जा सकता है?

रक्तदान करने से शरीर में किसी प्रकार की कमजोरी नहीं आती है। जबकि इससे शरीर और स्वस्थ बनाये रखता है. बलड डोनेट करने के बाद 24 घंटे में वापस शरीर में उतना ही ब्लड बन जाता है

निष्कर्ष

तो हम सब को इससे पता चलता है कि blood हम सबके लिए कितना जरूरी है। किसी भी आपातकाल स्तिथि मे जब भी खून की आवश्यकता पड़ती है तभी हमे उसकी importance समझ मे आती है। 

इसलिए अगर आप स्वस्थ है तो blood donate जरूर जाने जाए । और इससे आपकी सेहत पर कोई भी प्रकार का बुरा असर नहीं पड़ता, बल्कि आपकी सेहत और भी अच्छी हो जाती है।

अगर आप सभी को हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो शेयर और कमेन्ट जरूर करे।

धन्यवाद

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नमस्कार दोस्तौ मेरा नाम गुलसन है .मे Infoinhindi का Auther हू . मे हिन्दी लेख लिख्ने मे रुचि रखता हू . दोस्तौ मै infoinhindi के माधयम से रोजाना नयी -नयी जानकारीया शेयर करता हू.

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